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बिहार के विभागो में है जिसका खौफ,वो है,के के पाठक जिनके दायित्व संभालने से पहले ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में मच गया हड़कंप,और कर्मचारियों के काम पर लगी रोक

केके पाठक,जिनके नाम का है बिहार के विभागों में है खौफ, अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में मच गया है हड़कंप, दायित्व संभालने से पहले हीं इन कर्मचारियों के काम पर लगी रोक

पटना- अपर मुख्य सचिव के पाठक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का दायित्व संभालेंगे. पाठक अभी छुट्टी पर हैं. छुट्टी से लौटते हीं वे अपना प्रभार संबालेंगे. इससे पहले हीं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है. केक पाठक नें महज एक साल में हीं शिक्षा विभाग की दशा और दिशा दोनों बदल दी. जो मास्टर साहब स्कूल में समय से नहीं आने के लिए जाने जाते थे वे समय से पहले विद्यालय पहुंचने लगे. केके पाठक राज्य के स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति पर कड़ी नजर रख रहे थे. स्कूल का काया कल्प हो गया.

अपर मुख्य सचिव के पाठक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का दायित्व अभी संभाला भी नहीं है कि विभाग में फटापटनिर्मय लिए जाने लगे हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ताजा आदेश यह जारी किया गया है कि विशेष सर्वेक्षण के तहत मानदेय पर कार्यरत अमीन से अब अंचल कार्यालयों में काम नहीं लिया जायेगा. विभाग ने साफ कर दिया है कि इन अमीनों से अगले आदेश तक अंचलों में कोई काम नहीं लिया जायेगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक जय सिंह ने उक्त निर्णय से सभी डीएम और बंदोबस्त पदाधिकारी को अवगत करा दिया है.

जारी पत्र में निदेशक सिंह ने कहा है कि विभाग द्वारा 27 फरवरी 2019 को विशेष सर्वेक्षण कार्य के लिए बंदोबस्त कार्यालयों में मानदेय के आधार पर अमीन (अमानत/सर्वेयर) की बहाली की गई थी. वर्तमान में बंदोबस्त कार्यालयों द्वारा उक्त अमिनों को अंचलों में प्रतिनियुक्त कर कार्य लिया जा रहा है. इस बीच, विभाग की ओर से निर्णय लिया गया है कि उक्त अमिनों से अंचल कार्यालयों में काम नहीं लिया जाए. विभाग ने 15 जून के बाद से काम लेने पर रोक लगा दिया है.

केके पाठक को जैसे ही शिक्षा विभाग से हटाकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है. उनके विभाग के बदलते ही नये वाले विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म है. कथित तौर पर राजस्व विभाग के अधिकारीकागज दुरुस्त करने में लग गए हैं. कई अधिकारी तो उनके आने से पहले अपनी छुट्टी बिता लेना चाहते हैं.कई अधिकारी डाटा सुधारने में जुटे हुए हैं. लोग कहने लगे हैं कि अब गरीबों की जमीन पर कोई अमीर कब्जा नहीं कर पाएगा. केके पाठक गरीबों की जमीन हड़पने वाले पर कार्रवाई करेंगे. चर्चाओं का बाजार गर्म है . चर्चा है कि जमीन दलाल अब दूसरा काम खोजने में लगे हैं. केके पाठक को इस विभाग में गड़बड़ी को देखते हुए ही लाया गया है. केके पाठक को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जानबूझ कर इस विभाग में भेजा है.

 

केके पाठक के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का दायित्व संबालने से पहले हीं सुदार के निर्णय लिे जाने लगे हैं. पाठक के दायित्व संबालते हीं विभाग में लोगों को पड़े पैमाने पर सुधार की उम्मीद है.

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