Bihar Politics: सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिना किसी पूर्व कार्यक्रम के जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय का दौरा किया। उनके अचानक पहुंचने से पार्टी कार्यालय में हलचल बढ़ गई। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, जनसुनवाई व्यवस्था और आम लोगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार से निरीक्षण किया।
सबसे पहले नीतीश कुमार उस कक्ष में पहुंचे, जहां पार्टी की ओर से जनसुनवाई कार्यक्रम संचालित किया जा रहा था। उस समय बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। नीतीश कुमार ने पूरे कार्यक्रम का अवलोकन किया और मौजूद नेताओं व पदाधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनी रहनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रदेश कार्यालय की साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और आम नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली। इस मौके पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी उनके साथ मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने उन्हें निर्देश दिया कि कार्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए तथा यहां आने वाले हर व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से सुना और समयबद्ध तरीके से निपटाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यालय केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित न रहे, बल्कि आम जनता के लिए भी हमेशा सुलभ और सक्रिय केंद्र के रूप में काम करे। कार्यकर्ताओं और नागरिकों दोनों की समस्याओं पर समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
नीतीश कुमार के इस औचक दौरे को संगठन को अधिक सक्रिय बनाने और जनता से सीधा संवाद मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनके निरीक्षण से पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला।
रिपोर्ट: सुबी सिंह

