पटना: बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे रिटायर्ड IAS अधिकारी दीपक कुमार को इस पद से मुक्त कर दिया गया है। सरकार ने उन्हें अब बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है।
दीपक कुमार बिहार के मुख्य सचिव के पद पर भी रह चुके हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने वाले दीपक कुमार को अब आपदा प्रबंधन से जुड़ी अहम जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज
दीपक कुमार की जिम्मेदारी बदले जाने के साथ ही बिहार की नौकरशाही में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर विभिन्न विभागों में तैनात अफसरों तक बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, किन-किन अधिकारियों का तबादला होगा और किन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी जाएगी, इसे लेकर अभी आधिकारिक तौर पर पूरी तस्वीर सामने नहीं आई है। ऐसे में अधिकारियों के संभावित तबादले और पद से हटाए जाने को लेकर चल रही चर्चाओं को फिलहाल कयास के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
कई विभागों में बदल सकती है जिम्मेदारी
प्रशासनिक स्तर पर संभावित फेरबदल के बीच कई महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारी बदले जाने की चर्चा है। कुछ पदों पर नई तैनाती हो सकती है, जबकि पहले से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों को दूसरी जगह भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है।
यानी आने वाले दिनों में बिहार के प्रशासनिक ढांचे में ऊपर से नीचे तक कई स्तरों पर बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, अंतिम तस्वीर सरकार की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक आदेश के बाद ही साफ होगी।
दीपक कुमार को क्यों मिली आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी?
दीपक कुमार को अब बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। बिहार में बाढ़, सूखा, गर्मी, वज्रपात और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में आपदा प्रबंधन राज्य प्रशासन का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का काम आपदा प्रबंधन से जुड़ी नीतियों, योजनाओं, क्षमता निर्माण और जन-जागरूकता कार्यक्रमों से जुड़ा है।
हाल के दिनों में बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी प्रशासन लगातार सक्रिय रहा है। राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए कई स्तरों पर अधिकारियों को सक्रिय किया है।
VRS को लेकर भी चर्चाएं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
प्रशासनिक बदलावों के बीच कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS को लेकर भी चर्चाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी अधिकारी के VRS लेने या सरकार द्वारा किसी अधिकारी को अनिवार्य रूप से हटाए जाने की पुष्टि आधिकारिक आदेश के बिना नहीं की जा सकती।
फिलहाल सबसे बड़ा बदलाव दीपक कुमार की जिम्मेदारी में हुआ है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद से हटाकर उन्हें बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सरकार प्रशासनिक स्तर पर और कौन-कौन से फैसले लेती है।

