नई दिल्ली: मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर INDIA गठबंधन ने बुधवार को दिल्ली में बैठक कर संयुक्त आंदोलन की रणनीति तय की। बैठक में करीब 19 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्षी दल संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।
बैठक के बाद खड़गे ने बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे। इसके अलावा अक्टूबर और नवंबर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने का फैसला लिया गया है। इनमें 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली भी शामिल है। विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मुलाकात का समय भी मांगेंगे।
SIR को लेकर खड़गे ने रखीं कई मांगें
बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने SIR प्रक्रिया को लेकर कई मांगें सामने रखीं। विपक्ष की ओर से मांग की गई कि भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाए।
इसके अलावा मतदाता सूची में होने वाले प्रत्येक बदलाव में पूरी पारदर्शिता रखने, नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की जानकारी निर्वाचन क्षेत्र और बूथ स्तर पर सार्वजनिक करने की मांग की गई। खड़गे ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की स्थिति में संबंधित मतदाता को सूचना देने और उसे पर्याप्त अपील का अवसर देने की बात भी कही।
खड़गे ने EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी दोहराई। साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके पद से हटने की मांग रखी। ये मुद्दे कांग्रेस कार्यसमिति की मंगलवार को हुई बैठक में उठाई गई मांगों से भी जुड़े हैं।
राहुल गांधी ने CEC पर लगाए आरोप
बैठक के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी की। उन्होंने चुनाव कानून में CEC को मिली कानूनी सुरक्षा का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि ऐसी सुरक्षा क्यों दी गई है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए CEC का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। ये राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप हैं। इस रिपोर्ट में चुनाव आयोग या केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के नेताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर मिलकर संघर्ष करेंगे।
अक्टूबर-नवंबर में आंदोलन को विस्तार देने की तैयारी
बैठक के बाद INDIA गठबंधन ने SIR, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा सामने रखी है। 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर प्रदर्शन, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च और आने वाले महीनों में प्रस्तावित रैलियों के जरिए विपक्ष इन मुद्दों को सार्वजनिक बहस में उठाने की तैयारी कर रहा है।

