Bihar News: बक्सर में लगातार हो रही बिजली कटौती और बढ़ती उपभोक्ता शिकायतों के बीच प्रशासन ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया है। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत किया जाए और किसी भी निर्धारित शटडाउन की जानकारी पहले से उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाए।
Buxar: भीषण गर्मी और उमस के दौरान शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगातार बिजली बाधित रहने की शिकायतों के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में एसडीओ ने नगर एवं ग्रामीण विद्युत आपूर्ति से जुड़े अधिकारियों से बिजली संकट के कारणों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बार-बार फॉल्ट और लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की स्थिति क्यों बन रही है।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। घरों में इंडक्शन चूल्हे, एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली से चलने वाले उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण लाइनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। कई स्थानों पर ओवरलोड की वजह से तार क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जबकि मरम्मत और रखरखाव के लिए समय-समय पर शटडाउन लेना भी आवश्यक होता है।
एसडीओ ने विभाग के इस स्पष्टीकरण के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल अस्थायी समाधान से काम नहीं चलेगा। बिजली वितरण नेटवर्क को आगामी 10 से 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाए। कमजोर तारों और पुराने ढांचे को बदला जाए तथा क्षमता बढ़ाकर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या कम हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में मरम्मत कार्य के लिए बिजली आपूर्ति रोकनी पड़े तो इसकी सूचना पहले से एसएमएस या अन्य माध्यमों से उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाए, ताकि लोग अपने जरूरी कार्यों की पहले से योजना बना सकें।
समीक्षा बैठक के दौरान एसडीओ ने बिजली बहाल करने में लगे लाइनमैन और फील्ड कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में बक्सर के कई इलाकों, खासकर बरीटोला में लगातार बिजली संकट को लेकर लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
अब प्रशासन की सख्ती के बाद लोगों की उम्मीदें बिजली विभाग से जुड़ गई हैं। देखना होगा कि अधिकारियों को दिए गए निर्देश धरातल पर कितनी तेजी से लागू होते हैं और उपभोक्ताओं को नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ कब तक मिल पाता है।
रिपोर्ट: सुबी सिंह

