भोजपुर में हिरासत से युवक के गायब होने के मामले ने पकड़ा तूल, अदालत के हस्तक्षेप के बाद उत्पाद विभाग के अधिकारियों और कर्मियों पर गिरी गाज
भोजपुर: बिहार के भोजपुर जिले में हिरासत में लिए गए एक युवक के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग से जुड़े दो सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई), तीन होमगार्ड जवान और एक सरकारी वाहन चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कदम पटना हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी और मामले की निगरानी के बाद उठाया गया।
यह पूरा घटनाक्रम 13 अगस्त 2025 का है। उस दिन बिहिया थाना क्षेत्र के धरहरा टोला में शराब से जुड़े एक मामले में उत्पाद विभाग की टीम ने छापेमारी की थी। इसी दौरान गंज गांव निवासी सनोज कुमार को पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया। बाद में विभाग की ओर से दावा किया गया कि वह हिरासत से भाग निकला, लेकिन इस दावे पर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे।
सनोज कुमार के परिजनों ने विभाग की कहानी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब युवक अधिकारियों की निगरानी में था, तो उसके अचानक गायब होने की बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता। मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब जानकारी सामने आई कि युवक का मोबाइल फोन विभाग के कब्जे में था, लेकिन उसके बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि कथित तौर पर हिरासत से फरार होने की घटना के बावजूद उत्पाद विभाग ने न तो इस संबंध में कोई प्राथमिकी दर्ज कराई और न ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत कोई औपचारिक रिपोर्ट तैयार की। इसी पहलू ने विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचने के बाद अदालत ने भोजपुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। इसके बाद जांच में तेजी आई और जिम्मेदारी तय करते हुए छह कर्मियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
फिलहाल जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि सनोज कुमार आखिर कहां और किन परिस्थितियों में लापता हुए। घटना के लगभग दस महीने बीत जाने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। ऐसे में यह मामला अब केवल लापरवाही तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि संभावित आपराधिक साजिश की आशंका के आधार पर भी जांच का विषय बना हुआ है।

