Bihar Police News: कोसी क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाले मामले में जांच के बाद दो थाना प्रभारियों समेत 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच में केस डायरी से छेड़छाड़, अवैध वसूली और कथित तौर पर नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क के संकेत मिलने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
सहरसा: कोसी रेंज के कई थानों में पुलिसकर्मियों और बाहरी व्यक्तियों की कथित मिलीभगत का मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कुछ मामलों की विवेचना के नाम पर अवैध धन उगाही की जा रही थी। इसी नेटवर्क के सहारे मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े लोगों को भी कथित संरक्षण मिलने की आशंका जताई गई है।
पूरा मामला तब उजागर हुआ जब कोसी रेंज के डीआईजी कुमार आशीष ने सलखुआ थाना का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों पर शक होने पर उसकी जांच की गई। तलाशी में उसके पास से लैपटॉप और पिपरा, सलखुआ तथा नवहट्टा थाना से संबंधित कई मूल केस डायरी बरामद हुईं। जांच एजेंसियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति का कई पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क होने के प्रमाण भी मिले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने सिमरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकेश ठाकुर के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। टीम ने संदिग्ध व्यक्ति सतीश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके विरुद्ध सलखुआ थाना में मामला दर्ज किया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच के आधार पर सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले में तैनात दो थाना प्रभारियों सहित कुल 11 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय स्तर पर इनके विरुद्ध आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
निलंबित पुलिसकर्मियों की सूची
सलखुआ थाना (सहरसा): थाना प्रभारी मुकेश कुमार, एसआई सुबे लाल पासवान, एसआई रविता कुमारी
नवहट्टा थाना (सुपौल): एसआई पंकज कुमार
त्रिवेणीगंज थाना (सुपौल): एसआई जूही कुमारी
सुपौल नदी थाना: थाना प्रभारी शिशुपाल रविदास, एसआई पिंकी कुमारी
भर्राही थाना (मधेपुरा): एसआई अग्रमोद कुमार, एसआई चंद्रजीत प्रभाकर, सहायक निरीक्षक मनीषा कुमारी और एसआई ज्योतिष कुमार
इधर डीआईजी के निर्देश पर साइबर डीएसपी कल्याण आनंद के नेतृत्व में सुलिंदाबाद इलाके में भी छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस जांच से जुड़े दस्तावेज और विभिन्न थानों के अनुसंधान संबंधी रिकॉर्ड बरामद किए गए। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।
रिपोर्ट: सुबी सिंह

