देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर भोजपुर जिले में अभियान तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में रविवार को जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया एवं सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की टीम को हरी झंडी दिखाकर टीबी स्क्रीनिंग अभियान के लिए रवाना किया। यह विशेष अभियान 6 जुलाई से 31 जुलाई तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चलाया जाएगा, जिसके तहत महादलित टोलों, हाई-रिस्क क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों और घर-घर जाकर लोगों की टीबी की जांच की जाएगी।
भोजपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग टीबी उन्मूलन की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने अभियान को रवाना करते हुए कहा कि समय पर पहचान और उपचार से टीबी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने का आह्वान किया।
सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में इस विशेष अभियान के दौरान कुल 6 लाख 85 हजार 647 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 61 हजार 622 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अभियान के दौरान जिन लोगों की जांच होगी, उनका पूरा विवरण निक्षय पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच, पुष्टि और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि आरबीएसके की टीमें विशेष रूप से उन इलाकों में जाएंगी जहां टीबी संक्रमण का जोखिम अधिक माना जाता है। इसके अलावा स्कूलों, कॉलेजों और घर-घर जाकर लोगों में टीबी के लक्षणों की पहचान की जाएगी तथा जरूरत पड़ने पर आगे की जांच और इलाज की व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल मरीजों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करना, समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित करना और संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना भी है।
कार्यक्रम के दौरान सहायक समाहर्ता, संचारी रोग पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

