पुलिस हिरासत से गायब होने का आरोप, न्यायिक जांच, सकुशल बरामदगी और एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग; 8 जुलाई को प्रतिरोध मार्च और 10 जुलाई को सड़क जाम की चेतावनी।
आरा:भोजपुर जिले के बिहिया प्रखंड के गंज निवासी सनोज राम के कथित रूप से पुलिस हिरासत से पिछले 11 महीनों से लापता होने के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर भाकपा-माले ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान करते हुए जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सनोज राम की सकुशल बरामदगी नहीं हुई तो 8 जुलाई को आरा में प्रतिरोध मार्च और 10 जुलाई को बिहिया में सड़क जाम कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
भाकपा-माले के जिला कार्यालय श्रीटोला, आरा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य एवं भोजपुर जिला सचिव अभ्युदय ने कहा कि सनोज राम 13 अगस्त 2025 को मजदूरी के लिए दोघरा गए थे। आरोप है कि उसी शाम उन्होंने अपने भाई मनोज राम को फोन कर बताया था कि उत्पाद विभाग की पुलिस ने उन्हें धरहरा मुसहर टोली के पास से पकड़ लिया है। इसके कुछ देर बाद उन्होंने दोबारा फोन कर कहा कि पुलिस उनके साथ बेरहमी से मारपीट कर रही है और उन्हें बचाने की गुहार लगाई।
माले नेताओं का आरोप है कि जब परिजन उत्पाद विभाग के थाना पहुंचे तो पुलिस ने किसी भी गिरफ्तारी से इनकार करते हुए उन्हें वहां से भगा दिया। अगले दिन सनोज राम के पिता गौरीशंकर राम ने बिहिया थाना में लिखित शिकायत भी दी, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रेस वार्ता में यह भी दावा किया गया कि सनोज राम की पत्नी उस समय गर्भवती थीं। आर्थिक तंगी और कठिन परिस्थितियों के बीच जन्मे बच्चे की कुपोषण के कारण मौत हो गई। पार्टी नेताओं ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर परिणाम बताया।
माले नेताओं ने बताया कि इस मामले को लेकर सांसद सुदामा प्रसाद ने भी भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया से मिलकर सनोज राम की सकुशल बरामदगी की मांग की थी। इसके बावजूद कोई प्रगति नहीं होने पर परिवार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पार्टी का दावा है कि हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
भाकपा-माले के केंद्रीय कमेटी सदस्य राजू यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में पुलिस की मनमानी बढ़ गई है और सनोज राम प्रकरण इसका बड़ा उदाहरण है। वहीं, अगिआंव के पूर्व विधायक एवं राज्य कमेटी सदस्य शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन को जवाब देना होगा कि पुलिस हिरासत से सनोज राम आखिर कैसे गायब हो गए।

माले की प्रमुख मांगें
■ सनोज राम की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
■ पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
■ यदि उनकी मृत्यु हुई है तो परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
■ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या सहित कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाकपा-माले के केंद्रीय कमेटी सदस्य अभ्युदय, राजू यादव, राज्य कमेटी सदस्य एवं पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन, संगीता सिंह, शब्बीर कुमार, दिलराज प्रीतम और चंदन कुमार सहित कई नेता मौजूद रहे।

