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भोजपुर के पियनिया बाजार में गूंजा शिव गुरु का दिव्य संदेश, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शिव शिष्यता का किया संकल्प

“भगवान शिव केवल पूजनीय देव नहीं, बल्कि समस्त सृष्टि के आदिगुरु हैं” — अजय गुप्ता

भोजपुर (बिहार)। भोजपुर जिले के पियनिया बाजार में रविवार को एक दिवसीय भव्य शिव गुरु परिचर्चा एवं शिव चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भोजपुर सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों गुरु भाई-बहनों ने भाग लेकर भगवान शिव के गुरु स्वरूप पर गहन चिंतन किया। पूरा वातावरण “हर भोला हर भोला” के दिव्य उद्घोष, भजनों, अनुभूतियों और आध्यात्मिक विचारों से शिवमय हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ शिव शिष्य परिवार की प्रथम शिव शिष्या पूज्य दीदी माँ नीलम आनंद द्वारा रचित सुप्रसिद्ध भजन “हर भोला हर भोला” से हुआ। भजन की मधुर प्रस्तुति के साथ ही उपस्थित श्रद्धालु शिवमय वातावरण में भाव-विभोर हो गए। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन आरा से आए गुरु भाई विकास जी ने किया।

उपस्थित गुरु भाई बहन

सदियों से पूजित शिव के गुरु स्वरूप को जन-जन तक पहुंचाया साहब हरिन्द्रानंद जी ने : अजय गुप्ता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुरु भाई अजय गुप्ता ने कहा कि भगवान शिव को मानव सभ्यता सदियों से पूजती आ रही है। वे केवल एक देवता नहीं, बल्कि करुणा, ज्ञान, त्याग और चेतना के सर्वोच्च प्रतीक हैं। हमारे वेद, पुराण, उपनिषद और लोक परंपराएं शिव के अनेकों स्वरूपों का वर्णन करती हैं। कहीं वे भोलेनाथ हैं, कहीं महाकाल, कहीं नटराज तो कहीं आदियोगी।
उन्होंने कहा कि इसी दिव्य परंपरा में साहब श्री हरिन्द्रानंद जी महाराज ने वर्ष 1974 से भगवान शिव के “गुरु स्वरूप” को जनमानस के सामने स्थापित करने का महान कार्य प्रारंभ किया। साहब ने यह संदेश दिया कि भगवान शिव केवल पूजे जाने वाले देव नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव के गुरु हैं। आज यही कारण है कि घर-घर में पूजित शिव को लाखों लोग अपना गुरु बनाकर उनके शिष्यत्व को धारण कर रहे हैं।

दीदी माँ की स्मृति में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

गुरु भाई अजय ने आगे बताया कि बीते 17 जून को शिव शिष्य परिवार ने पूज्य दीदी माँ नीलम आनंद जी की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई। अब आगामी जुलाई माह में उनके जन्मोत्सव की तैयारी चल रही है।
उन्होंने कहा कि साहब श्री हरिन्द्रानंद जी द्वारा निर्देशित इस विशेष अवधि में सभी गुरु भाई-बहनों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। दीदी माँ की स्मृति में प्रत्येक शिव शिष्य कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए। वृक्षारोपण केवल पर्यावरणीय कार्य नहीं, बल्कि सृष्टि के प्रति कृतज्ञता और शिव के प्रति समर्पण का भी प्रतीक है।

शिव को गुरु बनाने के लिए केवल प्रेम और समर्पण आवश्यक : संतोष कुमार

गुरु भाई संतोष जी ने भगवान शिव के गुरु स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि शिव के अनेकों स्वरूपों में से गुरु स्वरूप सबसे करुणामय और सहज है। उन्होंने कहा कि शिव को गुरु बनाने के लिए किसी प्रकार की जाति, धर्म, पंथ, लिंग अथवा सामाजिक बंधन की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया कि साहब द्वारा बताए गए तीन सरल सूत्रों को अपनाकर कोई भी व्यक्ति भगवान शिव को अपना गुरु बना सकता है। शिव शिष्यता का आधार बाहरी प्रदर्शन नहीं, बल्कि हृदय की निष्कलुष श्रद्धा, प्रेम और समर्पण है।

मंच संचालन – शिव शिष्य विकाश कुमार

शिव समस्त सृष्टि के गुरु हैं : मणि कुमार

आरा से आए गुरु भाई प्रेम जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान शिव सम्पूर्ण ब्रह्मांड के गुरु हैं। साहब श्री हरिन्द्रानंद जी ने जिस गुरु स्वरूप को समाज के समक्ष रखा, वह किसी संप्रदाय विशेष तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिव शिष्यता धारण करते ही व्यक्ति के भीतर आत्मिक परिवर्तन प्रारंभ हो जाता है। सोच बदलती है, दृष्टिकोण बदलता है और जीवन का उद्देश्य स्पष्ट होने लगता है। शिव केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जीवन के प्रत्येक निर्णय में मार्गदर्शक बन जाते हैं।

अनुभूतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान गुरु भाई मणि कुमार ने अपनी आध्यात्मिक अनुभूतियां साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने भगवान शिव को अपना गुरु बनाया, तब उनके भीतर स्वतः परिवर्तन आने लगा।
उन्होंने कहा, “पहले जीवन में अनेक प्रकार की जिद और इच्छाएं थीं, लेकिन शिव शिष्यता धारण करने के बाद वही जिद अब शिव के प्रति समर्पण, शिव चर्चा और आध्यात्मिक साधना के लिए प्रेरित करती है। यही कारण है कि हम सभी आरा से यहां अपने गुरु शिव की शिष्यता को और अधिक दृढ़ करने तथा शिव चर्चा में सम्मिलित होने आए हैं।”

साहब के दर्शन की लालसा से शुरू हुई आध्यात्मिक यात्रा : कसाप की गुरु बहन

कार्यक्रम में कसाप से आई एक गुरु बहन ने अपनी भावपूर्ण अनुभूति साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने भगवान शिव को गुरु स्वीकार किया, तब उनके मन में साहब श्री हरिन्द्रानंद जी को निकट से देखने की तीव्र इच्छा उत्पन्न हुई।
उन्होंने बताया कि उस समय आर्थिक स्थिति सामान्य थी और एक युवती के लिए अकेले रांची जाना भी आसान नहीं था। फिर भी उन्होंने विद्यालय में अध्यापन कर जो आय अर्जित की, उसी के माध्यम से महीने में दो बार रांची जाकर साहब के दर्शन किए।
उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि आज भी साहब के विचार, उनके शब्द और उनकी शिक्षाएं हम सभी के लिए ऊर्जा, प्रेरणा और आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत हैं।

भजनों पर झूम उठे श्रद्धालु

कार्यक्रम के दौरान गुरु भाई सुनील कुमार ने भजनों की ऐसी मनमोहक प्रस्तुति दी कि पूरा पंडाल शिव भक्ति में झूम उठा। “हर भोला हर भोला” और अन्य शिव भजनों पर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर दिखाई दिए।

महादेव फैशन का उद्घाटन भी बना आध्यात्मिक उत्सव

कार्यक्रम के विशेष अवसर पर गुरु भाई सुनील कुमार द्वारा पियनिया बाजार में स्थापित रेडीमेड वस्त्र प्रतिष्ठान “महादेव फैशन” का भी शुभारंभ किया गया। शिव गुरु की कृपा और सानिध्यता का स्मरण करते हुए सैकड़ों गुरु भाई-बहनों की उपस्थिति में प्रतिष्ठान का उद्घाटन संपन्न हुआ।

सैकड़ों लोगों ने की शिव शिष्यता की उद्घोषणा

कार्यक्रम के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को अपना गुरु मानते हुए शिव शिष्यता का संकल्प लिया। अनेक लोगों ने सार्वजनिक रूप से अपने नामों की उद्घोषणा कर स्वयं को शिव के आध्यात्मिक साम्राज्य का हिस्सा घोषित किया।

पूरे आयोजन में बार-बार यही संदेश गूंजता रहा कि—

“भगवान शिव केवल मंदिरों में विराजमान देवता नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव के गुरु हैं। जो श्रद्धा, प्रेम और समर्पण के साथ उन्हें गुरु मान लेता है, उसके जीवन में आध्यात्मिक जागरण का नया अध्याय प्रारंभ हो जाता है।”

पियनिया बाजार में आयोजित यह शिव गुरु परिचर्चा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शिव के गुरु स्वरूप, पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम बनकर उभरी, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में शिव शिष्यता के भाव को और अधिक दृढ़ कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओ में हनुमान जी,अनिल तिवारी,विकाश पंडित,कलेक्टर जी के अलावा कई लोग मौजूद थे ।

रिपोर्ट : मिथिलेश मिश्रा

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Mithilesh Mishra – Founder & Editor, Aakhar Prahari News Mithilesh Mishra is a senior journalist and the Founder & Editor of Aakhar Prahari News. He has more than two decades of experience in journalism, news reporting, digital media and ground reporting. He started his journalism career with the daily newspaper Aaj around 2000 and subsequently worked with regional news organizations in reporting and editorial roles. His professional experience includes news reporting, news writing, news editing, political journalism, ground reporting, digital journalism and coverage of public-interest issues. From 2012 to 2015, he worked as Bihar Bureau Head at Sadhna News, overseeing state-level news coverage, political and social reporting, field reporting and coordination with reporters and correspondents. From 2015 to 2017, he worked as a Senior Correspondent at News11, covering political, social and regional developments through ground reporting. Since January 2020, he has been serving as the Founder & Editor of Aakhar Prahari News, focusing on Bihar news, ground reports, politics, social issues, current affairs and public-interest journalism. Areas of Expertise Journalism Ground Reporting News Reporting News Writing News Editing Digital Journalism Political Journalism Regional News Public-Interest Journalism Editorial Planning Education Post Graduate (Commerce) — Patna University, 1993 Mass Communication — Patna University, 2005

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