◆ स्पेक्ट्रा 2026
◆ बच्चों का साइंस कमाल!
◆ आरा में प्रतिभा का विस्फोट!
◆ एक से बढ़कर एक मॉडल!
◆ विज्ञान का महापर्व!
आरा। भोजपुर जिले के बामपाली स्थित माउंट लिट्रा जी विद्यालय में शनिवार को वार्षिक विज्ञान, कला एवं नवाचार प्रदर्शनी ‘स्पेक्ट्रा 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नन्हे विद्यार्थियों से लेकर कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में प्रस्तुत कार्यशील मॉडलों ने अभिभावकों और अतिथियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भोजपुर के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) अरुण प्रकाश ने विद्यालय के निदेशक श्रेयांश जैन, उपाध्यक्ष सुचिता जैन, प्राचार्या डॉ. सहाया मेरी तथा उपप्राचार्य विजय कुमार के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यालय की प्रार्थना और स्वागत गीत की प्रस्तुति ने समारोह को गरिमामय बना दिया। मुख्य अतिथि का सम्मान पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया गया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक रत्नेश चौबे, जूनियर कोऑर्डिनेटर प्रियंका दत्ता, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

छात्रों के मॉडल बने आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विज्ञान, गणित, पर्यावरण, कृषि, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और सामाजिक विषयों पर आधारित अनेक अभिनव एवं कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए। आधुनिक कृषि तकनीक, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, रोबोटिक्स, मानव शरीर की संरचना तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर तैयार मॉडलों ने दर्शकों को प्रभावित किया। छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट का उद्देश्य और उसके व्यावहारिक उपयोग को भी आत्मविश्वास के साथ समझाया, जिसकी सभी ने सराहना की।
अभिभावकों ने की विद्यालय की पहल की प्रशंसा
प्रदर्शनी देखने पहुंचे अभिभावकों ने बच्चों की मेहनत और विद्यालय की पहल की खुलकर सराहना की। उनका कहना था कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सीखने की उत्सुकता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को बधाई भी दी।
शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों तक सीमित नहीं : डीडीसी
मुख्य अतिथि अरुण प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पाठ्य पुस्तकों का ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक अनुभव और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रा 2026 जैसे आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा को नई दिशा देते हैं और उनके भीतर नवाचार की भावना विकसित करते हैं।
वहीं विद्यालय की प्राचार्या डॉ. सहाया मेरी ने कहा कि छात्रों और शिक्षकों की मेहनत ने इस प्रदर्शनी को यादगार बना दिया है। बच्चों में विज्ञान और कला के प्रति जो उत्साह दिखाई दिया, वह विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

